Purv Madhyakaleen Bharat / (Record no. 44734)
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| 003 - CONTROL NUMBER IDENTIFIER | |
| control field | CUTN |
| 005 - DATE AND TIME OF LATEST TRANSACTION | |
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| 008 - FIXED-LENGTH DATA ELEMENTS--GENERAL INFORMATION | |
| fixed length control field | 250616b |||||||| |||| 00| 0 eng d |
| 020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER | |
| International Standard Book Number | 9788126717446 |
| 041 ## - LANGUAGE CODE | |
| Language | Hindi |
| 082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER | |
| Classification number | 954.02 |
| Item number | GAU |
| 100 ## - MAIN ENTRY--PERSONAL NAME | |
| Personal name | गौरव, प्रशान्त (Prashant Gaurav) |
| 240 ## - UNIFORM TITLE | |
| Uniform title | <a href="पूर्वमध्यकालीन भारत : [लगभग 550‑1200 ई.] /">पूर्वमध्यकालीन भारत : [लगभग 550‑1200 ई.] /</a> |
| 245 ## - TITLE STATEMENT | |
| Title | Purv Madhyakaleen Bharat / |
| Statement of responsibility, etc | Prashant Gaurav |
| 260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. (IMPRINT) | |
| Place of publication, distribution, etc | स्थान: न्यू दिल्ली, भारत; प्रकाशक: |
| Name of publisher, distributor, etc | Rajkamal Prakashan Pvt Ltd, |
| Date of publication, distribution, etc | 2009. |
| 300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION | |
| Extent | कुल 432 पृष्ठ; हार्डकवर; |
| Dimensions | आयाम: लगभग 7.99 × 10 × 1.85 इंच (20 × 14 × 4 सेमी) |
| 520 ## - SUMMARY, ETC. | |
| Summary, etc | पूर्वमध्यकाल का इतिहास सम्पूर्ण भारतीय इतिहास का सर्वाधिक विवादास्पद, रुचिपूर्ण और अत्यधिक महत्त्वपूर्ण चरण है। अध्ययन की सुविधा के लिए 600 ई. और 1200 ई. के बीच के काल को परिपक्व पूर्वमध्यकाल कहते हैं। गहराई से देखने पर पता चलता है कि पूर्वमध्यकाल की प्रमुख विशेषताओं का जन्म गुप्तकाल में ही हो चुका था। इस काल को सामन्तवाद, नगरों का पतन और उत्थान, नवीन सामाजिक-व्यवस्था का काल, क्षेत्रीय भाषा और क्षेत्रीय धर्म का काल अथवा मन्दिरों का युग के नाम से भी जाना जा सकता है। दक्षिण भारत में विशाल मन्दिरों का निर्माण इस काल में हुआ। देवदासियों की नवीन परम्परा विकसित हुई। भारतीय दर्शन में नवीन तत्त्व देखे जाने लगे। भक्ति, तन्त्र-मन्त्र और जादू-टोना का महत्त्व बढ़ा। शंकराचार्य के दर्शन को नवीन शैली में लोकप्रियता प्राप्त हुई। क्षेत्रीय शासकों, क्षेत्रीय धर्म एवं क्षेत्रीय भाषा की संख्या बढ़ी।<br/><br/>प्रशासनिक एवं धार्मिक केन्द्रों की संख्या बढ़ी और व्यापारिक नगरों की संख्या नगण्य रही। जातियों एवं उपजातियों की संख्या सौ से अधिक हो गई। छोटे-बड़े और काले-गोरे देवी-देवता पाए जाने लगे। जनसमुदाय की आर्थिक दशा संकटपूर्ण रही। क्षत्रिय के बदले राजपूत पाए जाने लगे। राजाओं के बीच हमेशा युद्ध का माहौल बना रहता था। इनकी आपसी अनेकता से विदेशी शक्तियों ने लाभ उठाया। सबसे पहले अरबों के आक्रमण हुए और उसके बाद गोरी और गजनी के आक्रमणों ने भारत में मुस्लिम शासन की नींव डाल दी। इन सभी तथ्यों पर इस पुस्तक में प्रकाश डाला गया है। गुप्तकाल के पतन के बाद से लेकर गोरी-गजनी के आक्रमण और उनके प्रभाव तक को इसमें विवेचना की गई है। केन्द्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रान्तीय प्रतियोगी परीक्षाओं और दिल्ली तथा पटना विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत पुस्तक को तैयार किया गया है। विश्वास है छात्रों के लिए यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical term or geographic name as entry element | मध्यकाल |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical term or geographic name as entry element | भारत |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical term or geographic name as entry element | गुप्त बाद काल |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical term or geographic name as entry element | क्षेत्रीय राज्य |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical term or geographic name as entry element | मंदिर वास्तुकला |
| 942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA) | |
| Source of classification or shelving scheme | Dewey Decimal Classification |
| Koha item type | Hindi Books |
| Withdrawn status | Lost status | Source of classification or shelving scheme | Damaged status | Not for loan | Collection code | Home library | Location | Shelving location | Date of Cataloging | Total Checkouts | Full call number | Barcode | Date last seen | Price effective from | Koha item type |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Dewey Decimal Classification | Non-fiction | CUTN Central Library | CUTN Central Library | Hindi Collection | 16/06/2025 | 954.02 GAU | 48554 | 16/06/2025 | 16/06/2025 | Hindi Books |
